35 नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए, सवाई माधोपुर में पहली मौत; जयपुर में प्लाज्मा थेरेपी से दो रोगी ठीक हुए
राजस्थान में लॉकडाउन फेज 2 के तीसरे दिन 35 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए। जिसमें जयपुर में 22, पाली में 7, डूंगरपुर और अजमेर में 2-2, अलवर और चित्तौड़गढ़ में 1-1 संक्रमित मिला। जिसके बाद कुल संक्रमितों का आंकड़ा 3193 पहुंच गया। वहीं सवाई माधोपुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जिसके बाद मौतों की कुल संख्या 90 पहुंच गई।
जयपुर में प्लाज्मा थेरेपी का ट्रायल सफल, दो रोगी ठीक
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में दो कोरोना मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी का ट्रायल किया गया था, जिसमें सौ फीसदी सफलता मिली है। दोनों ही मरीज अब स्वस्थ हो गए हैं। उन्हें जल्दी ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। बता दें कि जयपुर का एसएमएस प्लाज्मा थेरेपी से कोराेना का सफल इलाज करने वाला प्रदेश का पहला अस्पताल बन गया है। इससे पहले राजस्थान सरकार ने आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) से मंजूरी मांगी थी कि उन्हें प्लाज्मा थेरेपी का ट्रायल करने दिया जाए। आईसीएमआर से अनुमति मिलने के बाद यह ट्रायल किया गया था। चूंकि अब इसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं तो ऐसे में उम्मीद है कि कोरोनावायरस से पीड़ित दूसरे मरीजों पर भी इसे इस्तेमाल किया जाए। दिल्ली, केरल और मध्यप्रदेश में प्लाज्मा थेरेेपी से इलाज शुरू हो चुका है। इन जगहों पर भी इसके अच्छे नतीजे आए हैं।
लॉकडाउन में फंसे श्रमिकों के अलावा अन्य प्रवासी अभी धैर्य रखें : गहलोत
सीएमआर में सीएम अशोक गहलाेत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में नई गाइडलाइन काे लेकर फैसला किया गया। गहलोत ने कहा-केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपनी गाइडलाइन में सिर्फ उन्हीं श्रमिकों एवं अन्य लोगों को अन्तरराज्यीय आवागमन के लिए अनुमति दी है, जो लाॅकडाउन के कारण दूसरे राज्यों में फंस गए हैं। जो लोग कार्यस्थल पर आराम से रह रहे हैं और सिर्फ घर जाने की इच्छा रखते हैं, उन्हें घर जाने की इजाजत नहीं है। सीएम ने यह भी कहा कि प्रदेश में संक्रमितों की वृद्धि दर 21 अप्रैल से 5 मई के बीच स्थिर रही है। यह अच्छा संकेत है। राजस्थान में संक्रमण का डबलिंग रेट भी 16 दिन है, जो राष्ट्रीय औसत 12 दिन से कम है।
33 में से 29 जिलों में पहुंचा कोरोना
प्रदेश में संक्रमण के सबसे ज्यादा केस जयपुर में हैं। यहां 1073(2 इटली के नागरिक) संक्रमित हैं। इसके अलावा जोधपुर में 809 (इनमें 47 ईरान से आए), कोटा में 221, अजमेर में 179, टोंक में 136, भरतपुर में 115, नागौर में 119, बांसवाड़ा में 66, जैसलमेर में 49 (इनमें 14 ईरान से आए), झुंझुनूं में 42, झालावाड़ में 42, बीकानेर में 38, भीलवाड़ा में 39, मरीज मिले हैं। उधर, दौसा में 21, चित्तौड़गढ़ में 100, चूरू में 14, पाली में 35, धौलपुर में 15, अलवर में 14, हनुमानगढ़ में 11, उदयपुर में 15, सवाईमाधोपुर में 8, डूंगरपुर में 9, सीकर में 7, करौली में 3, राजसमंद में 5, बाड़मेर में 3, प्रतापगढ़ में 4 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। बारां में 1 संक्रमित मिला है।
जयपुर: गृह क्लेश में महिला ने खुदकुशी की, मौत के बाद कोरोना निकला
जिन 4 मृतकों की रिपोर्ट पॉजिटिव है उनमें पुराना जालूपुरा स्थित नुरानी मस्जिद के पास रहने वाली 22 वर्षीय विवाहिता भी है। महिला ने गृहक्लेष में तंग आकर सोमवार को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने शव को एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां विवाहिता की िरपोर्ट मंगलवार को पॉजिटिव आई। पुलिस ने परिवार के 10 लोगों को जगतपुरा स्थित क्वारेंआइन सेंटर जबकि 6 को होम क्वारेंटाइन किया है। इस क्षेत्र में एरिया में कर्फ्यू पहले से लगा हुआ है।
जोधपुर में मोहम्मद रशीद पहले व्यक्ति जिनकी मौत सिर्फ कोरोना से हुई
खेतानाडी के 55 वर्षीय मोहम्मद रशीद 16 अप्रैल को बुखार व सर्दी की शिकायत पर एमडीएमएच दिखाने आए। तब उन्हें कोरोना संदिग्ध मानकर भर्ती करने के साथ ही सैंपल भी लिया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उन्हें कोरोना के अलावा कोई दूसरी बीमारी नहीं थी। ऐसा पहली बार हुआ, जब सिर्फ कोरोना से कोई जान गई। इनके अलावा सभी 14 मृतकों को कोरोना के साथ बीपी, शुगर, हार्ट व किडनी जैसी बीमारियां भी थी, जो संक्रमण से बढ़कर जानलेवा साबित हुई। 35 दिन चले इलाज के दौरान रशीद के 3 रिपीट टेस्ट भी पॉजिटिव आए। सांस लेने में लगातार परेशानी बढ़ने पर उन्हें पहले ऑक्सीजन, फिर हाई फ्लो मास्क एनआईवी पर रखा गया। मंगलवार सुबह 11 बजे अचानक हालत बिगड़ गई, तब उन्हें वेंटिलेटर पर लिया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और दोपहर 12:25 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।
कोटा में पॉजिटिव मरीजों के दोहरे शतक के बीच रिकवर होकर घर लौटने वालों का शतक
कोटा में पॉजिटिव मरीजों के दोहरे शतक के बीच एक अच्छी खबर यह है कि रिकवर होकर घर लौटने वालों का भी शतक लग चुका है। कोटा के नए अस्पताल से मंगलवार को 18 और मरीज डिस्चार्ज किए गए, इसी के साथ कुल डिस्चार्ज मरीजों का आंकड़ा 100 पहुंच गया है। ये सभी वे मरीज हैं, जो कोविड पॉजिटिव आने के बाद एडमिट हुए थे और इलाज के साथ ही इनके रिपीट टेस्ट निगेटिव आए और तय समय का क्वारैंटाइन भी इन्होंने हॉस्पिटल में ही पूरा कर लिया। अधीक्षक डॉ. सीएस सुशील ने बताया कि डिस्चार्ज किए गए मरीजों में 14 चंद्रघटा, 2 मकबरा और 2 पाटनपोल के रहने वाले हैं। अब हमारे यहां रिपीट निगेटिव हो चुके 73 मरीज बचे हैं, जिन्हें भी तय समय पर डिस्चार्ज किया जाएगा।
भरतपुर के बयाना के 11 वर्षीय बच्चे का 16 दिन में लगातार 5वां सैंपल पॉजिटिव
भरतपुर के आरबीएम अस्पताल में इलाज ले रहे बयाना के 11 वर्षीय बच्चे का 16 दिन में लगातार 5वीं बार कोरोना संक्रमण मिला है। यह राजस्थान में दूसरा ऐसा मामला है जिसमें इतनी लंबी अवधि तक कोरोना टेस्ट रिपोर्ट लगातार पॉजिटिव रही है। इससे पहले जोधपुर में ऐसा केस सामने आ चुका है। वहां करीब 61 वर्षीय बुजुर्ग 39 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहा। उसका लगातार 5वां सैंपल पॉजिटिव आया और छठी बार में वह नेगेटिव हुआ था। भरतपुर के केस को लेकर विशेषज्ञ भी हैरान हैं। उनके अनुसार किसी रोगी में 14 दिन बाद भी कोरोना वायरस मिलना असामान्य है। आम तौर पर अस्पताल में भर्ती मरीजों की 5वें, 7वें अथवा 9वें दिन लिए गए सैंपल की रिपोर्टें नेगेटिव आने लगती हैं।
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