अहा! ज़िंदगी के दिसंबर अंक के चुनिंदा लेख पढ़िए सिर्फ एक क्लिक पर

अजब-गजब/ दुनियाभर में बहुतेरी ऐसी घटनाएं होती हैं जिन पर हम पहली बार में यक़ीन नहीं कर पाते। जानिए ऐसी ही कुछ घटनाओं के बारे में...

जब मनुष्य को पक्षियों ने हरा दिया था और एक सैनिक 29 वर्ष तक युद्ध लड़ता रहा था, दुनियाभर में घटी कुछ ऐसी घटनाएं जो आपको आश्चर्य से भर देंगी

नमस्कार / साल 2020 के महज़ दो महीने ही बीते थे कि जैसे किसी अदृश्य हाथ ने सबको ठेलकर घरों में समेट दिया। एक इंसान, एक शहर, एक देश नहीं, पूरी दुनिया को मानना पड़ा...

बहुत आज़माया इस साल ने, लेकिन इंसानी हौसले कभी कम न होंगे

(2021 इस सदी के लिए उम्मीदों का सबसे बड़ा साल है। वजह- जिस कोरोना ने देश के एक करोड़ से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में लिया, उसी से बचाने वाली वैक्सीन से नए साल की शुरुआत होगी। इसलिए 2021 के माथे पर यह उम्मीदों का टीका है।)

साल के सबक / इस वर्ष को हम भले ही अपनी स्मृति से मिटा देना चाहें, परंतु इसके सकारात्मक सबक ताउम्र हमारे साथ रहेंगे...

साल 2020 के ऐसे 20 सबक़ जिन्हें याद रखना बहुत ज़रूरी है

मरासिम / महामारी ने जब ठहरने का मौका दिया और चारों ओर निहारा, तो नज़र आए अपनों के आत्मीयता भरे चेहरे। महामारी के बीच यह बीतते बरस का एक खूबसूरत पहलू है...

रिश्तों के लिहाज़ से भी अहम रहा यह साल, कोरोना के कारण टूटते सम्बंधों को फिर से सम्भालने का मौक़ा मिला

शिक्षा / कोरोना के कारण जहां डेढ़ अरब से ज़्यादा स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है, लेकिन जहां चाह, वहां राह वाली मिसाल भी इसी साल सही साबित होती दिखाई दी है...

शिक्षा के क्षेत्र में कायम हुई नई मिसालें, अनूठे प्रयोग और नए तरीक़ों से शिक्षकों ने थामी शिक्षा की बागडोर

देशांतर / विद्वान निरंतर विमर्शों में इस विषय को शामिल कर रहे हैं कि कोविड 19 के विदा लेने के बाद दुनिया कितनी बदलेगी...

कोविड के बाद किस तरह की होगी दुनिया, क्या बदलाव होंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके क्या मायने हैं

ताना-बाना / इम्युन सिस्टम को अपने ताने-बाने की भली प्रकार से सुध रहती है। देह के यंत्र में कोई बाहरी तत्व प्रवेश कर जाए तो वह सशंक हो उठता है। उसे नष्ट करने दौड़ पड़ता है...

बड़े काम के हैं इम्युनिटी के सबक़ और मनुष्य का यह इम्युन सिस्टम किसी आश्चर्य से कम भी नहीं

अंतर्मन / धैर्य, धर्म, मित्र और स्त्री की परीक्षा विपत्ति के समय ही होती है, और आने वाले दीर्घकाल तक इसी सूक्ति के सहारे हमें जीवन पथ पर आगे बढ़ना होगा...

टला नहीं है अभी कोरोना का संकट, इसलिए धैर्य के नए पाठ को सीखना और आत्मसात करना आवश्यक है

जीवन सूत्र / जीवन में सुख, संतुष्टि, सुकून और समृद्धि की सबसे बड़ी दुश्मन कोई चीज़ है, तो कामों को टालने की यह आदत ही है...

जीवन में आगे बढ़ना है तो 'आज' से ही बनेगा काज

सच्ची समृद्धि / समय पर काम और फिर पूरा आराम अमीरों का लक्षण है, जो छोटे-छोटे मौकों पर भी साफ़ देखा जा सकता है...

किस तरह समय पर काम करके फिर आराम करते हैं अमीर लोग



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Aha! Read the select articles of the December issue of Zindagi with just one click


source https://www.bhaskar.com/magazine/aha-zindagi/news/read-the-select-articles-of-the-december-issue-of-aha-zindagi-with-just-one-click-far-away-128072261.html
Niraj gupta

I am from Bhopal madhya pradesh bhopal but currently i am leaving in delhi

Post a Comment (0)
Previous Post Next Post